Monday, March 4th, 2024

कॉमेडियन कपिल शर्मा ने कार डिजाइनर दिलीप छाबड़िया पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया

मुंबई

कॉमेडियन-एक्टर कपिल शर्मा ने कार डिजाइनर दिलीप छाबड़िया पर उनसे अवैध रूप से पैसे निकलवाने और उनके 5.31 करोड़ रुपए नहीं लौटाने का आरोप लगाया है। मोहम्मद हामिद ने, जो कि कपिल के प्रतिनिधि हैं, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिलीप के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। छाबड़िया पर कपिल के अलावा कई अन्य नामी हस्तियों को धोखा देने का भी आरोप लगा है।

मोहम्मद हामिद (कपिल के प्रतिनिधि) द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, कपिल शर्मा ने दिसंबर 2016 में एक कस्टमाइज्ड वैनिटी वैन का आॅर्डर देने के लिए कार डिजाइनर दिलीप छाबड़िया से संपर्क किया था। उस समय, वैनिटी वैन की कीमत (टैक्स को हटाकर) लगभग 4.5 करोड़ रुपए थी। मार्च 2017 में ङ9 प्रोडक्शंस और दिलीप छाबड़िया की डीसी डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक डील हुई। कपिल शर्मा ने दिलीप को 5.31 करोड़ रुपए (टैक्स सहित) का भुगतान किया। हामिद ने कहा कि डीसी डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड (दिलीप छाबड़िया की कंपनी) कपिल को वैनिटी वैन नहीं दे पाई। उन्होंने 5.31 करोड़ रुपए भी वापस नहीं किए। जब हामिद ने वैनिटी वैन की डिलीवरी में हुई देरी के बारे में पूछा, तो दिलीप ने उसे बताया कि उन्होंने इंटीरियर का सारा सामान खरीद लिया है और वह सब गोदाम में रखा हुआ है। इसकी पुष्टि करने के लिए, हामिद ने वैन का करंट स्टेटस जानने के लिए दिलीप की पुणे ब्रांच का भी दौरा किया। जहां दिलीप ने अपनी आर्थिक तंगी के बारे में बताया और कपिल से और पैसे मांगे। इसके बाद उन्होंने कॉमेडियन को 54,20,800 रुपए का अतिरिक्त कोटेशन भेजा और वैनिटी वैन की डिलीवरी के लिए फंड मांगा।

जब दिलीप ने कपिल से ये पैसे मांगे तो कपिल के मन में शक पैदा हो गया। कपिल ने दिलीप छाबड़िया से इस बारे में पूछा तो उन्होंने ठीक तरह से जवाब नहीं दिया। इसके बाद दिलीप ने कपिल को मेल भेजना शुरू कर दिया। दिलीप ने कपिल पर वैन का सही समय पर निरीक्षण ना करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि यही वजह है कि वैनिटी वैन की डिलीवरी में देरी हो रही है। दिलीप छाबड़िया के इस व्यवहार ने कपिल को कार डिजाइनर के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद कपिल ने 18 अप्रैल, 2019 को डिजाइनर की फर्म को वसूली का कानूनी नोटिस भेजा। ऐसे में छाबड़िया ने कपिल से पैसे ऐंठने के लिए अवैध तरीके अपनाएं। उन्होंने कभी गैर-डिलीवर वैनिटी वैन के लिए मनमाना पार्किंग शुल्क, तो कभी बहन की कंपनी के लिए लोन की मांग रखी। यहां तक कि वेंडर्स को पेमेंट देने की भी डिमांड की।

Source : Agency

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