whole of Iran is ready to die on the death of Sulaimani

क्यों सुलेमानी की मौत पर पूरा ईरान मर मिटने को तैयार है ?

देश/दुनिया

 US Vs Iran: नमस्कार दोस्तों आप सभी इस बात से भालीभाती परिचित होंगे की  Qasem Soleimani को अमेरिका ने  3 जनवरी को एयर स्ट्राइक में मार गिराया | आपको बता दे की कासिम सुलेमानी के लिए पूरा ईरान मट मिटने को तैयार है| शायद आपको पता नहीं होगा की सुलेमानी ईरान का दूसरा सबसे ताकतवर शख्स में से एक था, ईरान के राष्ट्रपति से भी ज्यादा सेन्य शक्तियां सुलेमानी के पास थी|

 Why the whole of Iran is ready to die?

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आपको बतादे की सुलेमानी की मौत के बाद ईरान में क्या हुआ और वो किस हद तक जाने को तैयार है ये दुनिया से छिपा नहीं है| ईरान ने बदले के तौर पर बुधवार अल सुबह इराक में अमेरिका के दो सैनिक ठिकानों पर एक के बाद एक 22 मिसाइलें दागीं और 80 से भी ज्यादा स्थानीय लोगो के मारे जाने का दावा भी  किया| हालांकि अमेरिका इस बात से सहमत नहीं है और मौत के आंकड़ों की अभी तक कोई पुष्टि नहीं की है|

ईरान का बदला ऑपरेशन शहीद सुलेमानी!!

ईरान ने अपने बदले के तौर पर इस ऑपरेशन को शहीद सुलेमानी का नाम दिया था| अमेरिका ने ईरान के दूसरे सबसे  powerfull शख्स सुलेमानी की ड्रोन अटैक में मौत करवा दी थी| बतादे की  ईरान ने सुलेमानी का शव नहीं दफनाया जब तक उसने बदला नहीं ले लिया|

Why the whole of Iran is ready to die?

US Vs Iran युद्ध के अंतिम छोर की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं WW3 जैसी स्तिथी बनती दिख आर ही है | लेकिन एक प्रश्न उठता है की कासिम सुलेमानी का ईरान में इतना बड़ा कद क्यों  और कैसे था? क्यों ईरान कासिम सुलेमानी से इतना प्यार क्यों करता था| सुलेमानी ने अपने वतन  के लिए ऐसा क्या किया कि उनकी मौत पर आज पूरा ईरान अपना सब कुछ छोड़ने को तैयार है|

राष्ट्र्पति से भी ज्यादा शक्तिशाली शख्श था सुलेमानी

पॉवर के तौर पर ईरान का दूसरा राष्ट्र्पति माने जाने वाला कासिम सुलेमानी का कद बहुत बड़ा था| वहां के सबसे ज्यादा ताकतवर और सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातोल्लाह ख़मेनेई के बाद दूसरा सबसे शक्तिशाली इंसान कासिम सुलेमानी थे| ऐसा माना जाता था कि उन्हें ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से ज्यादा शक्तियां मिली हुई थीं|

कौन था सुलेमानी ?


आपको बतादे की जनरल सुलेमानी Quds force नाम की एक सैन्य टुकड़ी के leader थे| ईरान की ये सैनिक टुकड़ी एक तरह से विदेश में ईरान की सेना के तरह काम करती है जो अलग-अलग देशों में ईरानी हितों के अनुसार किसी का साथ तो किसी का विरोध करने में माहिर थी| Quds force की ताकत को ऐसे समझ लीजिए कि ईरान में कहने को Forein minister होता है, लेकिन वहां के कानून के अनुसार असल में विदेश मंत्री की भूमिका Quds force के प्रमुख ही अदा हैं जो सुलेमानी थे|

ईरान के दुश्मनों को मिटा देने के लिए जाने जाते थे सुलेमानी


दुनिया के हर कोने में ईरान के दुश्मनों का सफाया करने के लिए जाने जाते थे| ईरान की तरफ उठने वाली विरोधी ताकतो को मिटाने के लिए खुफिया ऑपरेशन को अंजाम देना उनके लिए आसान काम था| उनकी मौत के बाद उनके सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातोल्लाह ख़मेनेई सामने आए और कासिम सुलेमानी की शहादत को चिंतन करते हुए कहा कि सुलेमानी ने अकेले अपनी बहादुरी और शोर्य- बल से अमेरिका के एजेंडों को खत्म कर दिया था|

ट्रंप को कर दिया था चैलेंज- ईरान को मत छेड़ो

सुलेमानी अमेरिका को खुली चुनौती देने से कभी नहीं डरते थे| 2018 में एक बार कासिम सुलेमानी ने ट्रंप को चैलेंज करते हुए कहा था, ‘मिस्टर ट्रंप, मैं एक बात बता देना चाहता हूं…हम तुम्हारे कितने नजदीक हैं…ये तुम नहीं जानते…हम तुम्हारे इतने नजदीक हैं…जितना तुम सोच भी नहीं सकते…हम शहीदों के वतन से आते हैं…हम इमाम हुसैन के वतन से आते हैं…पूछो सबसे…हमने बहुत मुश्किलें देखी हैं| आओ, हम तुम्हारा इंतजार कर रहें हैं| हम तो असलियत में जी रहें हैं| जहां तक तुम्हारी बात हैं तुम जानते हों कि जंग तुम्हारा सब कुछ खत्म कर देगी| तुम जंग शुरू जरूर करोगे लेकिन उसे खत्म हम ही करेंगे| इसलिए ईरान को मत छेड़ो| इसलिए हमारे राष्ट्रपति को मत छेड़ो|”

अमेरिका के एजेंडे को पूरा नहीं होने दिया

सुलेमानी की ताकत यह थी कि जब सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ विद्रोह का किया गया था तो उसे दबाने में सीरियाई राष्ट्रपति की मदद सुलेमानी ने ही की थी| जबकि अमेरिका ने हमेशा दुनिया के सामने सीरिया को एक आतंकवादी देश साबित करने की कोशिश की है लेकिन सुलेमानी की मदद ने अमेरिका का एजेंडा पूरा नहीं होने दिया|

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