amit shah NRC

नागरिकता संशोधन बिल 2019: शाह लोकसभा में पेश करेंगे विधेयक, विपक्ष का विरोध

देश

नागरिकता संशोधन बिल 2019: सोमवार यानी 9 दिसम्बर को लोकसभा में नागरिकता (संशोधन) विधेयक बिल (Citizenship Amendment Bill 2019 ) पेश होने से एक दिन पहले रविवार को सोनिया गांधी ने वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई। बैठक के बाद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कांग्रेस CAB का पुरजोर विरोध करने पर मंथन कर रही है। 

आपको बतादे कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (Nagrikta Sanshodhan bill 2019) पेश करेंगे| लोकसभा में सत्तारूढ़ दल के पास प्रचंड बहुमत है और बिल को आसानी से मंजूरी मिल जाएगी। लोकसभा में सोमवार को होने वाले कार्यों की सूची के मुताबिक गृह मंत्री दोपहर में विधेयक पेश करेंगे जिसमें छह दशक पुराने नागरिकता कानून में संशोधन की बात है और इसके बाद इस पर बहश होगी।

बिना पेट्रोल-डीजल के चला सकेंगे कार और बाइक क्योकि पानी से ही…?


Nagrikta Sanshodhan bill 2019: नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने कहा है कि वे बिल का पुरजोर विरोध करेंगे। लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के 10 जनपथ आवास पर कांग्रेस संसदीय रणनीतिक समूह की बैठक के बाद कहा कि कांग्रेस विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश के संविधान और पार्टी के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के खिलाफ है

नागरिकता संशोधन विधेयक पर किसका क्या मत

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि संसद में नागरिकता (संशोधन) विधेयक पेश किए जाने पर पार्टी इसमें दो संशोधन लाएगी। येचुरी ने कहा कि पार्टी दो संशोधन ला कर उन सभी शर्तों को हटाने की मांग करेगी, जो धर्म को नागरिकता प्रदान करने का आधार बनाते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम धर्म के आधार पर, वह भी तीन देशों के लोगों को नागरिकता देने वाले नागरिकता (संशोधन) विधेयक CAB का पुरजोर विरोध करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि भारत समान रूप से सभी धर्मों का घर है और सभी धर्मों के लोगों के साथ अवश्य ही समानता होना चाहिए|

CAB के बचाव में बीजेपी

बीजेपी महासचिव राम माधव ने नागरिकता संशोधन विधेयक CAB का बचाव करते हुए कहा कि पड़ोसी देशों में सताए गए अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना भारत का कर्तव्य है क्योंकि वे धर्म के आधार पर देश का बंटवारा करने के फैसले के ‘पीड़ित हैं। राजनीतिक दलों की ओर से की जा रही आलोचना का जवाब देते हुए माधव ने कहा कि इसी तरह का कानून असम से निर्वासन अधिनियम 1950 में पंडित जवाहर लाल नेहरू की तत्कालीन सरकार ने बनाया था।

महासचिव राम माधव ने और यह भी कहा, ‘‘मैं नागरिकता संशोधन विधेयक के आलोचकों को याद दिला दूं, नेहरू जी कि सरकार ने अवैध प्रवासियों को खासतौर पर पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए लोगों को निर्वासित करने के लिए 1950 में इसी तरह का कानून बनाया था और उसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि पूर्वी पाकिस्तान से आने वाले अल्पसंख्यक इसके दायरे में नहीं आएंगे।’

क्या आपने कभी घी वाली कॉफी पी है? नहीं तो चलिए टेस्ट और फायदे जानते है

Leave a Reply